Monday, 12 July 2021

समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द (Paronyms)

समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द (Paronyms)


कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनमें स्वर, मात्रा अथवा व्यंजन में थोड़ा-सा अन्तर होता है। वे बोलचाल में लगभग एक जैसे लगते हैं, परन्तु उनके अर्थ में भिन्नता होती है। ऐसे शब्द 'समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द' कहलाते हैं।

जैसे- घन और धन दोनों के उच्चारण में कोई खास अन्तर महसूस नहीं होता परन्तु अर्थ में भिन्नता है।
घन= बादल
धन= सम्पत्ति

नीचे कुछ ऐसे ही शब्द और उनके अर्थ दिया जा रहा हैं।

तार लेखन (Telegram)

हिन्दी : तार लेखन (Telegram)

कम-से-कम शब्दों में सन्देश भेजने की पद्धति को 'तार' (Telegram) कहते हैं।
पहले केवल अँगरेजी में डाकघरों से तार भेजा जाता था, किन्तु अब हिन्दी में भी तार भेजा जाता है। आजादी के बाद इसका प्रचार दिन-दिन बढ़ता जा रहा है और जनता में यह लोकप्रिय होता जा रहा है। फिर भी, इस दशा में अभी बहुत कुछ करना है। हिन्दी में तार- सभी मुख्य तारघरों में देवनागरी में तार-प्रणाली चालू की जा चुकी है। राष्ट्रभाषा हिन्दी की उत्तरोत्तर प्रगति की दृष्टि से तार-क्षेत्र में भी हिन्दी का समुचित प्रयोग हो रहा है। कुछ लोगों का यह भ्रम है कि हिन्दी में तार लिखना महँगा है। सच तो यह है कि अँगरेजी तार की अपेक्षा देवनागरी तार पर खर्च कम होता है। अँगरेजी तार लिखवाने और पढ़वाने में जो समय और पैसा लगता है, देवनागरी तार भेजने में उसकी बचत होती है।

देवनागरी तारों में शब्द गिनने के कुछ विशेष नियम हैं, जिनसे ये तार सस्ते पड़ते हैं। उन नियमों की जानकारी के लिए दिल्ली की केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद ने देवनागरी में तार नामक एक पुस्तिका प्रकाशित की है। इस पुस्तिका में सौ ऐसे वाक्यांश दिये गये हैं, जिनके लिए अँगरेजी के तारों में कई शब्दों का प्रभार (चार्ज) देना पड़ता है, किन्तु हिन्दी में उनके लिए या तो एक शब्द से काम चल जाता है अथवा समासयुक्त शब्दों का प्रयोग कर या विभक्ति को मिलाकर लिखने से केवल एक शब्द का प्रभार देना पड़ता है। उदाहरण के लिए 'day and night' अँगरेजी में तीन शब्द है, पर हिन्दी तार में 'रातदिन' एक शब्द माना जायेगा।

वाक्य विचार (Syntax)

हिन्दी : वाक्य विचार (Syntax)

वह शब्द समूह जिससे पूरी बात समझ में आ जाये, 'वाक्य' कहलाता हैै।
दूसरे शब्दों में- विचार को पूर्णता से प्रकट करनेवाली एक क्रिया से युक्त पद-समूह को 'वाक्य' कहते हैं।
सरल शब्दों में- सार्थक शब्दों का व्यवस्थित समूह जिससे अपेक्षित अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है।
जैसे- विजय खेल रहा है, बालिका नाच रही हैैै।

वाक्य के भाग

वाक्य के दो भेद होते है-
(i)उद्देश्य (Subject) 
(ii)विद्येय (Predicate)
(i)उद्देश्य (Subject):-वाक्य में जिसके विषय में कुछ कहा जाये उसे उद्देश्य कहते हैं।
सरल शब्दों में- जिसके बारे में कुछ बताया जाता है, उसे उद्देश्य कहते हैं।
जैसे- पूनम किताब पढ़ती है। सचिन दौड़ता है।
इस वाक्य में पूनम और सचिन के विषय में बताया गया है। अतः ये उद्देश्य है। इसके अंतर्गत कर्ता और कर्ता का विस्तार आता है जैसे- 'परिश्रम करने वाला व्यक्ति' सदा सफल होता है। इस वाक्य में कर्ता (व्यक्ति) का विस्तार 'परिश्रम करने वाला' है।

संक्षेपण (Sankshepan)

संक्षेपण (Sankshepan)

किसी विस्तृत विवरण, सविस्तार व्याख्या, वक्तव्य, पत्रव्यवहार या लेख के तथ्यों और निर्देशों के ऐसे संयोजन को 'संक्षेपण' कहते है, जिसमें अप्रासंगिक, असम्बद्ध, पुनरावृत्त, अनावश्यक बातों का त्याग और सभी अनिवार्य, उपयोगी तथा मूल तथ्यों का प्रवाहपूर्ण संक्षिप्त संकलन हो।
इस परिभाषा के अनुसार, संक्षेपण एक स्वतःपूर्ण रचना है। उसे पढ़ लेने के बाद मूल सन्दर्भ को पढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती। सामान्यतः संक्षेपण में लम्बे-चौड़े विवरण, पत्राचार आदि की सारी बातों को अत्यन्त संक्षिप्त और क्रमबद्ध रूप में रखा जाता है।
इसमें हम कम-से-कम शब्दों में अधिक-से-अधिक विचारों भावों और तथ्यों को प्रस्तुत करते है। वस्तुतः, संक्षेपण किसी बड़े ग्रन्थ का संक्षिप्त संस्करण बड़ी मूर्ति का लघु अंकन और बड़े चित्र का छोटा चित्रण है। इसमें मूल की कोई भी आवश्यक बात छूटने नहीं पाती। अनावश्यक बातें छाँटकर निकाल दी जाती है और मूल बातें रख ली जाती हैं। यह काम सरल नहीं। इसके लिए निरन्तर अभ्यास की आवश्यकता है।

उपसर्ग (Prefixes)

हिन्दी : उपसर्ग (Prefixes)

उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते है, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है।
दूसरे शब्दों में - जो शब्दांश शब्दों के आदि में जुड़ कर उनके अर्थ में कुछ विशेषता लाते है, वे उपसर्ग कहलाते है। 
जैसे- प्रसिद्ध, अभिमान, विनाश, उपकार।
इनमे कमशः 'प्र', 'अभि', 'वि' और 'उप' उपसर्ग है।
यह दो शब्दों (उप+ सर्ग) के योग से बनता है। 'उप' का अर्थ 'समीप', 'निकट' या 'पास में' है। 'सर्ग' का अर्थ है सृष्टि करना। 'उपसर्ग' का अर्थ है पास में बैठाकर दूसरा नया अर्थवाला शब्द बनाना। 'हार' के पहले 'प्र' उपसर्ग लगा दिया गया, तो एक नया शब्द 'प्रहार' बन गया, जिसका नया अर्थ हुआ 'मारना' । उपसर्गो का स्वतन्त्र अस्तित्व न होते हुए भी वे अन्य शब्दों के साथ मिलाकर उनके एक विशेष अर्थ का बोध कराते हैं।
उपसर्ग शब्द के पहले आते है। जैसे -'अन' उपसर्ग 'बन' शब्द के पहले रख देने से एक शब्द 'अनबन 'बनता है, जिसका विशेष अर्थ 'मनमुटाव' है। कुछ उपसर्गो के योग से शब्दों के मूल अर्थ में परिवर्तन नहीं होता, बल्कि तेजी आती है। जैसे- 'भ्रमण' शब्द के पहले 'परि' उपसर्ग लगाने से अर्थ में अन्तर न होकर तेजी आयी। कभी-कभी उपसर्ग के प्रयोग से शब्द का बिलकुल उल्टा अर्थ निकलता है। 
उपसर्ग के प्रयोग से शब्दों को तीन स्थितियाँ होती है - (i)शब्द के अर्थ में एक नई विशेषता आती है;
(ii)शब्द के अर्थ में प्रतिकूलता उत्पत्र होती है,
(iii) शब्द के अर्थ में कोई विशेष अन्तर नही आता।

शब्द-शक्ति (Word-Power)

शब्द-शक्ति (Word-Power)

शब्द का अर्थ बोध करानेवाली शक्ति 'शब्द शक्ति' कहलाती है।
शब्द-शक्ति को संक्षेप में 'शक्ति' कहते हैं। इसे 'वृत्ति' या 'व्यापार' भी कहा जाता है।
सरल शब्दों में- मिठाई या चाट का नाम सुनते ही मुँह में पानी भर आता है। साँप या भूत का नाम सुनते ही मन में भय का संचार हो जाता है। यह प्रभाव अर्थगत है। अतः जिस शक्ति के द्वारा शब्द का अर्थगत प्रभाव पड़ता है वह शब्दशक्ति है।
हिन्दी के रीतिकालीन आचार्य चिन्तामणि ने लिखा है कि ''जो सुन पड़े सो शब्द है, समुझि परै सो अर्थ''अर्थात जो सुनाई पड़े वह शब्द है तथा उसे सुनकर जो समझ में आवे वह उसका अर्थ है। स्पष्ट है कि जो ध्वनि हमें सुनाई पड़ती है वह 'शब्द' है, और उस ध्वनि से हम जो संकेत या मतलब ग्रहण करते है वह उसका 'अर्थ' है।
शब्द से अर्थ का बोध होता है। अतः शब्द हुआ 'बोधक' (बोध करानेवाला) और अर्थ हुआ 'बोध्य' (जिसका बोध कराया जाये)।
जितने प्रकार के शब्द होंगे उतने ही प्रकार की शक्तियाँ होंगी। शब्द तीन प्रकार के- वाचक, लक्षक एवं व्यंजक होते हैं तथा इन्हीं के अनुरूप तीन प्रकार के अर्थ- वाच्यार्थ, लक्ष्यार्थ एवं व्यंग्यार्थ होते हैं। शब्द और अर्थ के अनुरूप ही शब्द की तीन शक्तियाँ- अभिधा, लक्षणा एवं व्यंजना होती हैं।

समास (Compound)

समास (Compound)

 

दो या अधिक शब्दों (पदों) का परस्पर संबद्ध बतानेवाले शब्दों अथवा प्रत्ययों का लोप होने पर उन दो या अधिक शब्दों से जो एक स्वतन्त शब्द बनता है, उस शब्द को सामासिक शब्द कहते है और उन दो या अधिक शब्दों का जो संयोग होता है, वह समास कहलाता है।
दूसरे अर्थ में- कम-से-कम शब्दों में अधिक-से-अधिक अर्थ प्रकट करना 'समास' कहलाता है।
समास में कम-से-कम दो पदों का योग होता है।
वे दो या अधिक पद एक पद हो जाते है: 'एकपदीभावः समासः'।
समास में समस्त होनेवाले पदों का विभक्ति-प्रत्यय लुप्त हो जाता है।
समस्त पदों के बीच सन्धि की स्थिति होने पर सन्धि अवश्य होती है। यह नियम संस्कृत तत्सम में अत्यावश्यक है।

व्याख्या (Explanation)

व्याख्या (Explanation)

'व्याख्या' किसी भाव या विचार के विस्तार और विवेचन को कहते हैं।

व्याख्या न भावार्थ है, न आशय। यह इन दोनों से भित्र है। नियम भी भित्र है। 'व्याख्या' किसी भाव या विचार के विस्तार और विवेचन को कहते हैं। इसमें परीक्षार्थी को अपने अध्ययन, मनन और चिन्तन के पदर्शन की पूरी स्वतन्त्रा रहती है।

व्याख्या के प्रकार


प्रसंगनिर्देश व्याख्या का अनिवार्य अंग है। इसलिए, व्याख्या लिखने के पूर्व प्रसंग का उल्लेख कर देना चाहिए, पर प्रसंगनिर्देश संक्षिप्त होना चाहिए। परीक्षाभवन में व्याख्या लिखते समय परीक्षार्थी प्रायः दो-दो, तीन-तीन पृष्ठों में प्रसंगनिर्देशकरते है और कभी-कभी मूलभाव से दूर जाकर लम्बी-चौड़ी भूमिका बांधने लगते हैं। यह ठीक नहीं। उत्तम कोटि की व्याख्या में प्रसंगनिर्देश संक्षिप्त होता है। ऐसी कोई भी बात न लिखी जाय, जो अप्रासंगिक हो। अप्रासंगिक बातों को ठूँस देने से अव्यवस्था उत्पत्र हो जाती है। अतः परीक्षार्थी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि व्याख्या में कोई बात फिजूल और बेकार न हो। प्रसंगनिर्देशविषय के अनुकूल होना चाहिए।

भावार्थ (Substance)


भावार्थ (Substance)

'सारांश' की तरह 'भावार्थ' भी मूल अवतरण का छोटा रूप है, किंतु 'भावार्थ' लिखने की रीति 'सारांश' की रीति से भिन्न है। वास्तव में, 'भावार्थ' की विधि 'गागर में सागर' भरने की एक क्रिया है। यहाँ मूलभाव का कोई भी भाव या विचार छूटना नहीं चाहिए। विषय को या बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहने या लिखने की यहाँ भी आवश्यकता नहीं; पर भावार्थ में भावों का पदान्वय भी नहीं होना चाहिए।

यद्यपि भावार्थ की लम्बाई-चौड़ाई की अन्तिम सीमा नहीं बाँधी जा सकती, तथापि आशय या भाव के प्रतिकूल उसे मूल अवतरण का कम-से कम आधा तो होना ही चाहिए। इसमें मूल के सभी प्रधान और गौण भाव आ जाने चाहिए। भाषा सरल और अपनी होनी चाहिए। 'सारांश' में केवल प्रधान भाव ही रहते हैं। किंतु 'भावार्थ' में छोटे-बड़े सभी भावों का समावेश किया जाता है। सच तो यह है कि 'भावार्थ' 'सारांश और 'व्याख्या' के बीच की चीज है।

'भावार्थ' के सम्बन्ध में एक विद्वान का कथन है- ''भावार्थ संक्षिप्त और स्पष्ट हो। इसे व्याख्या के रूप में नहीं होना चाहिए। केवल अन्वयार्थ (paraphrase) को भी भावार्थ नहीं समझना चाहिए।''

विशेषण (Adjective)

हिन्दी : विशेषण (Adjective)

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बताते है उन्हें विशेषण कहते है।
इसे हम ऐसे भी कह सकते है- जो किसी संज्ञा की विशेषता (गुण, धर्म आदि )बताये उसे विशेषण कहते है।
दूसरे शब्दों में- विशेषण एक ऐसा विकारी शब्द है, जो हर हालत में संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।
जैसे- यह भूरी गाय है, आम खट्टे है।
उपयुक्त वाक्यों में 'भूरी' और 'खट्टे' शब्द गाय और आम (संज्ञा )की विशेषता बता रहे है। इसलिए ये शब्द विशेषण है।
इसका अर्थ यह है कि विशेषणरहित संज्ञा से जिस वस्तु का बोध होता है, विशेषण लगने पर उसका अर्थ सिमित हो जाता है। जैसे- 'घोड़ा', संज्ञा से घोड़ा-जाति के सभी प्राणियों का बोध होता है, पर 'काला घोड़ा' कहने से केवल काले घोड़े का बोध होता है, सभी तरह के घोड़ों का नहीं।
यहाँ 'काला' विशेषण से 'घोड़ा' संज्ञा की व्याप्ति मर्यादित (सिमित) हो गयी है। कुछ वैयाकरणों ने विशेषण को संज्ञा का एक उपभेद माना है; क्योंकि विशेषण भी वस्तु का परोक्ष नाम है। लेकिन, ऐसा मानना ठीक नहीं; क्योंकि विशेषण का उपयोग संज्ञा के बिना नहीं हो सकता।
विशेष्य- जिस शब्द की विशेषता प्रकट की जाये, उसे विशेष्य कहते है।
जैसे- उपयुक्त विशेषण के उदाहरणों में 'गाय' और 'आम' विशेष्य है क्योंकि इन्हीं की विशेषता बतायी गयी है।
प्रविशेषण- कभी-कभी विशेषणों के भी विशेषण बोले और लिखे जाते है। जो शब्द विशेषण की विशेषता बताते है, वे प्रविशेषण कहलाते है।
जैसे- यह लड़की बहुत अच्छी है। मै पूर्ण स्वस्थ हुँ।
उपर्युक्त वाक्य में 'बहुत' 'पूर्ण' शब्द 'अच्छी' तथा 'स्वस्थ' (विशेषण )की विशेषता बता रहे ह, इसलिए ये शब्द प्रविशेषण है।

सर्वनाम (Pronoun)

हिन्दी : सर्वनाम (Pronoun)

जिन शब्दों का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है, उन्हें सर्वनाम कहते है।
दूसरे शब्दों में-सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते है, जो पूर्वापरसंबध से किसी भी संज्ञा के बदले आता है।
जैसे- मै, तू, वह, आप, कोई, यह, ये, वे, उसका इत्यादि।
अन्य उदाहरण
(1)'सुभाष' एक विद्यार्थी है।
(2) वह (सुभाष) रोज स्कूल जाता है।
(3)उसके (सुभाष के) पास सुन्दर बस्ता है।
(4)उसे (सुभाष को )घूमना बहुत पसन्द है।
उपयुक्त वाक्यों में 'सुभाष' शब्द संज्ञा है तथा इसके स्थान पर वह, उसके, उसे शब्द संज्ञा (सुभाष) के स्थान पर प्रयोग किये गए है। इसलिए ये सर्वनाम है।
सर्व (सब) नामों (संज्ञाओं) के बदले जो शब्द आते है, उन्हें 'सर्वनाम' कहते हैं।
संज्ञा की अपेक्षा सर्वनाम की विलक्षणता यह है कि संज्ञा से जहाँ उसी वस्तु का बोध होता है, जिसका वह (संज्ञा) नाम है, वहाँ सर्वनाम में पूर्वापरसम्बन्ध के अनुसार किसी भी वस्तु का बोध होता है। 'लड़का' कहने से केवल लड़के का बोध होता है, घर, सड़क आदि का बोध नहीं होता; किन्तु 'वह' कहने से पूर्वापरसम्बन्धके अनुसार ही किसी वस्तु का बोध होता है।

क्रिया (Verb)

हिन्दी : क्रिया (Verb)

जिन शब्दों से किसी काम के करने या होने का ज्ञान हो उसे क्रिया कहते है।
दूसरे शब्दों में- जिस शब्द से किसी काम का करना या होना समझा जाय, उसे क्रिया कहते है।
जैसे- पढ़ना, खाना, पीना, जाना इत्यादि।

क्रिया के भेद

प्रयोग की दृष्टि से क्रिया के प्रकार
(1)प्रेरणार्थक क्रिया (Causative Verb)
(2)यौगिक क्रिया
(3)द्विकर्मक क्रिया(Double Transitive Verb)
(4)संयुक्त क्रिया (Compound Verb)
(5) सहायक क्रिया(Helping Verb)
(6) नामबोधक क्रिया(Nominal Verb)
(7) पूर्वकालिक क्रिया(Absolutive Verb)

दिन और महीने (Day and Mnoths)

हिन्दी : दिन और महीने (Day and Mnoths)

सप्ताह के दिन
सप्ताह में सात दिन होते हैं

हिन्दी मेंअँगरेजी में
(1) सोमवारMonday
(2) मंगलवारTuesday
(3) बुधवारWednesday
(4) बृहस्पतिवारThursday
(5) शुक्रवारFriday
(6) शनिवारSaturday
(7) रविवारSunday
 

विराम चिह्न (Punctuation Mark)

विराम चिह्न (Punctuation Mark)


विराम चिह्न (Punctuation Mark) की परिभाषा

भित्र-भित्र प्रकार के भावों और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग वाक्य के बीच या अंत में किया जाता है, उन्हें 'विराम चिह्न' कहते है। 
दूसरे शब्दों में- विराम का अर्थ है - 'रुकना' या 'ठहरना' । वाक्य को लिखते अथवा बोलते समय बीच में कहीं थोड़ा-बहुत रुकना पड़ता है जिससे भाषा स्पष्ट, अर्थवान एवं भावपूर्ण हो जाती है। लिखित भाषा में इस ठहराव को दिखाने के लिए कुछ विशेष प्रकार के चिह्नों का प्रयोग करते हैं। इन्हें ही विराम-चिह्न कहा जाता है।
सरल शब्दों में- अपने भावों का अर्थ स्पष्ट करने के लिए या एक विचार और उसके प्रसंगों को प्रकट करने के लिए हम रुकते हैं। इसी को विराम कहते है।
इन्हीं विरामों को प्रकट करने के लिए हम जिन चिह्नों का प्रयोग करते है, उन्हें 'विराम चिह्न' कहते है।
यदि विराम-चिह्न का प्रयोग न किया जाए तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है। 
जैसे- (1)रोको मत जाने दो। 
(2)रोको, मत जाने दो।
(3)रोको मत, जाने दो।

Saturday, 10 July 2021

कार्यालयीय आलेखन (Official Drafting)

कार्यालयीय आलेखन (Official Drafting)

आलेखन पत्राचार का एक अंग है। समाज के विकास के साथ आलेखन के भित्र-भित्र रूप विकसित होते रहे हैं। विशेषकर सरकारी सेवाओं में और कार्यालयों में काम करनेवालों के लिए आलेखन में निपुण होना आवश्यक है। इसकी कुशलता दो बातों पर निर्भर है-
(1) भाषा का अच्छा ज्ञान और (2) आलेखन के विविध रूपों और उसके विशिष्ट नियमों की जानकारी। आलेखन की सफलता शुद्ध, सुगठित और परिमार्जित भाषा पर निर्भर है। यहाँ आलेखन से हमारा तात्पर्य सरकारी कार्यालय में व्यवहृत आलेखनों से है। इसे 'प्रारूप' भी कहते हैं।

आलेखन के प्रकार

आलेखन दो प्रकार के होते है-
(1) प्रारम्भिक आलेखन (Elementary Drafting)
(2) उत्रत अथवा उच्चतर आलेखन (Advanced Drafting) ।

निबन्ध-लेखन (Essay-writing)

निबन्ध-लेखन (Essay-writing)



निबन्ध- अपने मानसिक भावों या विचारों को संक्षिप्त रूप से तथा नियन्त्रित ढंग से लिखना 'निबन्ध' कहलाता है। निबन्ध लिखना भी एक कला हैं। इसे विषय के अनुसार छोटा या बड़ा लिखा जा सकता है।

हिन्दी का 'निबन्ध' शब्द अँगरेजी के 'Essay' शब्द का अनुवाद है। अँगरेजी का 'Essay' शब्द फ्रेंच 'Essai' से बना है। Essai का अर्थ होता है- To attempt', अर्थात 'प्रयास करना' । 'Essay' में 'Essayist' अपने व्यक्तित्व को अभिव्यक्त करता है, अर्थात 'निबन्ध' में 'निबन्धकार' अपने सहज, स्वाभाविक रूप को पाठक के सामने प्रकट करता है। आत्मप्रकाशन ही निबन्ध का प्रथम और अन्तिम लक्ष्य है।

आधुनिक निबन्धों के जन्मदाता फ्रान्स के मौन्तेन माने गये है। उनके अनुसार 'निबन्ध विचारों, उद्धरणों एवं कथाओं का सम्मिश्रण है। '' अपनी बात को स्पष्ट करते हुए वे आगे लिखते है: ;अपने निबन्धों का विषय स्वयं मैं हूँ। ये निबन्ध अपनी आत्मा को दूसरों तक पहुँचाने के पर्यत्नमात्र हैं। इनमें मेरे निजी विचार और कल्पनाओं के अतिरिक्त कोई नूतन खोज नहीं है।

संवाद-लेखन (Dialogue-writing)

संवाद-लेखन (Dialogue-writing)

दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच हुए वार्तालाप या सम्भाषण को संवाद कहते हैं।
दूसरे शब्दों में- दो व्यक्तियों की बातचीत को 'वार्तालाप' अथवा 'संभाषण' अथवा 'संवाद' कहते हैं।

संवाद का सामान्य अर्थ बातचीत है। इसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति भाग लेते है। अपने विचारों और भावों को व्यक्त करने के लिए संवाद की सहायता ली जाती है। जो संवाद जितना सजीव, सामाजिक और रोचक होगा, वह उतना ही अधिक आकर्षक होगा। उसके प्रति लोगों का खिंचाव होगा। अच्छी बातें कौन सुनना नहीं चाहता? इसमें कोई भी व्यक्ति अपने विचार सरल ढंग से व्यक्त करने का अभ्यास कर सकता है।

वार्तालाप में व्यक्ति के स्वभाव के अनुसार उसकी अच्छी-बुरी सभी बातों को स्थान दिया जाता है। इससे छात्रों में तर्क करने की शक्ति उत्पत्र होती है। नाटकों में वार्तालाप का उपयोग सबसे अधिक होता है। इसमें रोचकता, प्रवाह और स्वाभाविकता होनी चाहिए। व्यक्ति, वातावरण और स्थान के अनुसार इसकी भाषा ऐसी होनी चाहिए जो हर तरह से सरल हो। इतना ही नहीं, वार्तालाप संक्षिप्त और मुहावरेदार भी होना चाहिए।

कहानी-लेखन (Story-writing)

कहानी-लेखन (Story-writing)

 
जीवन की किसी एक घटना के रोचक वर्णन को 'कहानी' कहते हैं।

कहानी सुनने, पढ़ने और लिखने की एक लम्बी परम्परा हर देश में रही है; क्योंकि क्योंकि यह मन को रमाती है और सबके लिए मनोरंजक होती है। आज हर उम्र का व्यक्ति कहानी सुनना या पढ़ना चाहता है यही कारण है कि कहानी का महत्त्व दिन-दिन बढ़ता जा रहा है। बालक कहानी प्रिय होते है। बालकों का स्वभाव कहानियाँ सुनने और सुनाने का होता है। इसलिए बड़े चाव से बच्चे अच्छी कहानियाँ पढ़ते हैं। बालक कहानी लिख भी सकते हैं। कहानी छोटे और सरल वाक्यों में लिखी जाती है।

बच्चे अपनी दादी, नानी और माँ से तरह-तरह की कहानियाँ बड़ी रुचि से सुनते हैं। छोटी-छोटी कहानी लिखने में अभ्यास और कल्पना की आवश्यकता है। निम्नवर्ग के विद्यार्थियों को पहले चित्र देखकर और कहानी के संकेत पढ़कर कहानी लिखने का अभ्यास करना चाहिए। यहाँ ध्यान देने की बात है कि कहानी रोचक और स्वाभाविक हो। घटनाओं का पारस्परिक संबंध हो, भाषा सरल हो और कहानी से कोई-न-कोई उपदेश मिलता हो। अंत में, कहानी का एक अच्छा शीर्षक या नाम दे देना चाहिए।

सारांश (Summary)

सारांश (Summary)


मूल अवतरण के भावों अथवा विचारों को संक्षेप में लिखने की क्रिया को 'सारांश' कहते हैं।

मूल में जो बात विस्तार से कही गयी है, 'सारांश' में उतनी ही बात संक्षेप में, सार-रूप में कहनी या लिखनी पड़ती है।
विस्तार और विश्लेषण करने की यहाँ आवश्यकता नहीं। भाषा सरल और सुबोध होनी चाहिए। दूसरी बात यह है कि सारांश मूल अवतरण से छोटा होना चाहिए।

उदाहरण : उद्योग-धंधों में काम करनेवाला मनुष्य जनसाधारण के जीवन और उसके सभी कार्यो पर प्रभाव डालता है और इस प्रकार सबसे अच्छी व्यावहारिक शिक्षा देता है। स्कूल और कॉलेज तो केवल प्रारंभिक शिक्षा देते है, पर कल-कारखानों में काम करनेवाले लोगों से जो शिक्षा मिलती है, वह स्कूल कॉलेज की शिक्षा से कहीं अधिक प्रभावशाली है।

सारांश : स्कूलों-कॉलेजों में लड़के सैद्धांतिक शिक्षा पाते हैं, पर उद्योगशील मनुष्य अपने कार्यो द्वारा व्यावहारिक शिक्षा देते हैं, व्यावहारिक शिक्षा सैद्धांतिक शिक्षा से अधिक प्रभावशाली होती है।

विलोम शब्द (Antonyms)


विलोम शब्द (Antonyms)

एक़-दूसरे के विपरीत या उल्टा अर्थ देने वाले शब्द विलोम कहलाते है।
सरल शब्दों में- जो शब्द किसी दूसरे शब्द का उल्टा अर्थ बताते हैं, उन्हें विलोम शब्द या विपरीतार्थक शब्द कहते है। जैसे- अपेक्षा- नगद, आय- व्यय, आजादी-गुलाम, नवीन- प्राचीन शब्द एक दूसरे के उलटे अर्थ वाले शब्द है। अतः इन्हें 'विलोम शब्द' कहते हैं।

अत: विलोम का अर्थ है- उल्टा या विरोधी अर्थ देने वाल़ा।
विलोम शब्द अपने सामनेवाले शब्द के सर्वदा विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं।

शब्द व्युत्पत्ति शास्त्र (Etymology)

शब्द व्युत्पत्ति शास्त्र (Etymology)

दो या दो से अधिक वर्णो से बने ऐसे समूह को 'शब्द' कहते है, जिसका कोई न कोई अर्थ अवश्य हो।
दूसरे शब्दों में- ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्णसमुदाय को 'शब्द' कहते है।
इसे हम ऐसे भी कह सकते है- वर्णों या ध्वनियों के सार्थक मेल को 'शब्द' कहते है।
जैसे- सन्तरा, कबूतर, टेलीफोन, आ, गाय, घर, हिमालय, कमल, रोटी, आदि।
इन शब्दों की रचना दो या दो से अधिक वर्णों के मेल से हुई है। वर्णों के ये मेल सार्थक है, जिनसे किसी अर्थ का बोध होता है। 'घर' में दो वर्णों का मेल है, जिसका अर्थ है मकान, जिसमें लोग रहते हैं। हर हालत में शब्द सार्थक होना चाहिए। व्याकरण में निरर्थक शब्दों के लिए स्थान नहीं है।
शब्द और पद- यहाँ शब्द और पद का अंतर समझ लेना चाहिए। ध्वनियों के मेल से शब्द बनता है। जैसे- प+आ+न+ई- पानी। यही शब्द जब वाक्य में अर्थवाचक बनकर आये, तो वह पद कहलाता है।
जैसे- पुस्तक लाओ। इस वाक्य में दो पद है- एक नामपद 'पुस्तक' है और दूसरा क्रियापद 'लाओ' है।

वचन (Vachan)

वचन (Vachan)

 

शब्द के जिस रूप से एक या एक से अधिक का बोध होता है, उसे हिन्दी व्याकरण में 'वचन' कहते है।
दूसरे शब्दों में- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो, उसे 'वचन' कहते है।
वचन का शाब्दिक अर्थ है- 'संख्यावचन'। 'संख्यावचन' को ही संक्षेप में 'वचन' कहते है। वचन का अर्थ कहना भी है।
जैसे- लड़का= एक लड़का;
लड़के= अनेक लड़के।

वचन के प्रकार

वचन के दो भेद होते हैै-
(1) एकवचन 
(2)बहुवचन 
(1)एकवचन :- संज्ञा के जिस रूप से एक व्यक्ति या एक वस्तु होने का ज्ञान हो, उसे एकवचन कहते है।
जैसे- स्त्री, घोड़ा, नदी, रुपया, लड़का, गाय, सिपाही, बच्चा, कपड़ा, माता, माला, पुस्तक, टोपी, बंदर, मोर आदि।
(2)बहुवचन :-शब्द के जिस रूप से एक से अधिक व्यक्ति या वस्तु होने का ज्ञान हो, उसे बहुवचन कहते है।
जैसे- स्त्रियाँ, घोड़े, नदियाँ, रूपये, लड़के, गायें, कपड़े, टोपियाँ, मालाएँ, माताएँ, पुस्तकें, वधुएँ, गुरुजन, रोटियाँ, लताएँ, बेटे आदि।

Friday, 9 July 2021

खेल प्रश्नोत्तरी (Sports Questionnaire)-1

खेल प्रश्नोत्तरी (Sports Questionnaire)-1


1. भारत में सबसे बड़ा इंडोर स्टेडियम कौन सा हैं?
उत्तर : इंदिरा गाँधी इंडोर स्टेडियम दिल्ली
2. विजेन्द्र कुमार सिंह किस खेल से संबंधित हैं?
उत्तर : मुक्केबाज़ी (बॉक्सिंग)
3. बीमर शब्द का सम्बन्ध किस खेल से है?
उत्तर : क्रिकेट
4. आगा ख़ाँ कप का संबंध किस खेल है?
उत्तर : हॉकी
5. जीव मिल्खा सिंह, ज्योति रंधावा व टाइगर वुड किस खेल के प्रसिद्ध खिलाड़ी हैं?
उत्तर : गोल्फ
6. शार्ट कॉर्नर, टाई ब्रेकर व पेनेल्टी स्ट्रोक किस खेल सम्बन्धित हैं?
उत्तर : हॉकी

खेल प्रश्नोत्तरी (Sports Questionnaire)-2

खेल प्रश्नोत्तरी (Sports Questionnaire)-2


1. ‘थॉमस कप’ किस खेल से संबंधित है?
उत्तर : बैडमिंटन
2. ‘टर्बिनेटर’ के नाम से किस खिलाड़ी को जाना जाता है?
उत्तर : हरभजन सिंह
3. विम्बलडन जूनियर खिताब जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला खिलाड़ी कौन हैं?
उत्तर : सानिया मिर्ज़ा
4. 'द्रोणाचार्य पुरस्कार’ की शुरुआत किस वर्ष हुई?
उत्तर : 1985
5. हॉकी की अंतर्राष्ट्रीय संस्था है?
उत्तर : IHF
6. ‘राष्ट्रीय खेल संस्थान’ कहाँ अवस्थित है?
उत्तर : पटियाला

सामान्य ज्ञान (General Knowledge)-016

सामान्य ज्ञान (General Knowledge)-016

1. पाकिस्तान के समुद्र तट का भौगोलिक नाम क्या है ?
उत्तर : मकरान तट
2. ‘ अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा ‘ (international date Line ) का निर्धारण किस वर्ष किया गया था ?
उत्तर : 1884 में
3. ‘ राष्ट्रीय पर्यावरण शोध-संस्थान ‘ ( National Environment Research Institute ) कहाँ है ?
उत्तर : नागपुर में
4. ‘ तवा नदी ‘ किसकी सहायक नदी है ?
उत्तर : नर्मदा की
5. कौन-सा देश पहले ‘ स्याम ‘ के नाम से जाना जाता था ?
उत्तर : थाईलैंड
6. भारत में तेंदू पत्ता का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला राज्य कौन-सा है ?
उत्तर : मध्य प्रदेश

विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Science Questionnaire)-4

विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Science Questionnaire)-4



1. एक खगोलीय मात्रक की औसत दूरी है?
उत्तर : पृथ्वी और सूर्य के बीच की 
2. निम्नलिखित में से किसने न्यूटन से पूर्व ही बता दिया था, कि सभी वस्तुएँ पृथ्वी की ओर गुरुत्वाकर्षित होती हैं? 
उत्तर : आर्यभट्ट
3. जेट इंजन किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
उत्तर : रैखिक संवेग संरक्षण
4. साइकिल चालक को प्रारम्भ में अधिक बल क्यों लगाना पड़ता है?

उत्तर : चालक जड़त्व पर विजय पाने के लिए अधिक बल लगाता है।
5. जीव विज्ञान' (Biology) शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था?

उत्तर : लैमार्क एवं ट्रैविरेनस ने
6. 'वनस्पति विज्ञान' के जनक कौन हैं?

उत्तर : थियोफ्रेस्टस

विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Science Questionnaire)-7

विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Science Questionnaire)-7

  • पानी में हवा का बुलबला होता है अवतल लेंस
  • विषुवत रेखा पर किसी वस्तु का भार होगा न्यूनतम
  • सूर्योदय से पहले सुर्य दिखने का कारण प्रकाश का अपवर्तन
  • इन्द्रधनुष बनने का कारण अपवर्तन
  • ताप बढने पर ध्वनि की चाल पर क्या प्रभाव पडता है बढ़ जाती है
  • यदि हम चन्द्रमा पर से आकाश देखे तो कैसा दिखाई देगा काला
  • यूरिया को शरीर से अलग करते हैं गुर्दे
  • मानव त्वचा का रंग बनता है मेनालिन के कारण
  • कच्चे फलों को पकाने में काम आता हैएसिटिलीन
  • चिट्टी,मधुमखी बिच्छू इत्यादी के काटने से जलन व खुजली क्यों होती है फार्मिक एसिड के कारण
  • शरीर के लिए विटामिन डी का निर्माड करती है हमारी त्वचा

विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Science Questionnaire)-4

 विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Science Questionnaire)-4


♦ तंत्रिका कोशिका मानव शरीर की सबसे बड़ी कोशिका है
♦ महाधमनी मानव शरीर की सबसे बड़ी धमनी है।
♦ मानव शरीर मेँ सर्वाधिक मात्रा मेँ पाया जाने वाला पदार्थ जल (55-60%) है।
♦ शुक्राणु मानव शरीर की सबसे छोटी कोशिका होती है। यह एक नर जनन कोशिका है।
♦ एड्रीनलीन हार्मोन को ‘करो या मरो’ हार्मोन भी कहा जाता है।
♦ हाइपोथेलेमस ग्रंथि को ‘सुपर मास्टर (Head Master)’ ग्रंथि कहा जाता है।
♦ जबड़े की हड्डी मानव शरीर की सबसे मजबूत हड्डी होती है।
♦ मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी स्टेपीज है जो कर्ण मेँ होती है।
♦ सबसे लम्बी हड्डी फीमर (जांघ मेँ) होती है।
♦ 4° से. तापक्रम पर जल का घनत्व अधिकतम होता है।

विज्ञान GK (Science GK)-010

विज्ञान GK (Science GK)-010


⇒ टेलिफोन के अविष्कारक : ग्राहम बेल 
⇒ भारत द्वारा छोडा गया पहला उपग्रह : आर्य भट्ट
⇒ पेन्सिलीन की खोज की
: एलेक्जेन्डर फ्लेमिंग ने
⇒ चेचक के टीके की खोज की
: जेनर ने
⇒ जीव विज्ञान के जन्मदाता
: अरस्तु
⇒ डाइनामाइट के अविष्कारक
: अल्फ्रेड नोबल
⇒ चन्द्रमा पर उतरने वाला पहला आदमी
: आर्म स्ट्रांग
⇒ प्याज व लहसुन में गंध होता है
: उसमें उपस्थित पोटैशियम के कारण
⇒ x-किरणों की खोज की
: रोन्ट्जन ने
⇒ स्कूटर के अविष्कारक
: ब्राड शा
⇒ रिवाल्वर के अविष्कारक
: कोल्ट

भूगोल GK (Geogrphy GK)-1

भूगोल GK (Geogrphy GK)-2



1. ‘भूगोल का जनक’ किसे कहा जाता है?
उत्तर : हिकैटियस
2. ‘ज्योग्राफिका’ (Geographica) के लेखक कौन हैं?
उत्तर : इरैटॉस्थनीज
3. सौरमंडल में ग्रहों की संख्या कितनी है?
उत्तर : 8
4. सबसे बड़ा ग्रह कौन-सा है?
उत्तर : वृहस्पति
5. वे दो ग्रह जिनके उपग्रह नहीं हैं, कौन-कौन हैं?
उत्तर : बुध और शुक्र
6. सूर्य के गिर्द एक परिक्रमा में कौन-सा ग्रह अधिकतम समय लेता है?
उत्तर : नेप्च्यून

इंडिया GK (India GK)-1

इंडिया GK (India GK)-1




1. हुमायूँ का मकबरा - दिल्ली
2. दार्जिलिंग हिमालयन रेल -पश्चिम बंगाल
3. महाबोधी मंदिर, गया - बिहार
4. भीमबेटका की गुफाएँ - मध्यप्रदेश
5. गंगई कोड़ा चोलपुरम् मन्दिर -तमिलनाडु
6. महाबलिपुरम् का स्मारक समूह -तमिलनाडू
7. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान -असोम
8. मानस वन्य जीव अभयारण्य -असोम
9. केवला देव राष्ट्रीय उद्यान -राजस्थान
10. पुराने गोवा के चर्च व मठ - गोवा
11. चित्तौड़गढ़ किला - राजस्थान
12. गागरोन किला - राजस्थान

गुप्त राजवंश के शासक (Emperor of Gupta Empire)

गुप्त राजवंश के शासक (Emperor of Gupta Empire)

 
श्रीगुप्त : 240-280 ई.
घटोत्कच
: 280-319 ई.
चंद्रगुप्त प्रथम
: 319-335 ई.
समुद्रगुप्त
: 335-375 ई.
रामगुप्त
: 375 ई.
चंद्रगुप्त द्वितीय
: 380-413 ई.
कुमारगुप्त प्रथम महेन्द्रादित्य
: 415-454 ई.
स्कन्दगुप्त
: 455-467 ई.
नरसिंहगुप्त बालादित्य
: 467-473 ई.
कुमारगुप्त द्वितीय
: 473-476 ई.
बुद्धगुप्त
: 476-495 ई.

सामान्य ज्ञान प्रश्नोतरी (General Knowledge Questionnaires)

सामान्य ज्ञान प्रश्नोतरी (General Knowledge Questionnaires)




1. खजुराहों के मंदिर कहाँ स्थित हैं — मध्य प्रदेश
2. हवा महल कहाँ स्थित है — जयपुर
3. बड़ा इमामबाड़ा कहाँ स्थित है — लखनऊ
4. चेतक घोड़ा किससे संबंधित है — राणा प्रताप
5. बीजागणित के क्षेत्र में अपने विशेष योगदान के लिए किसे जाना जाता है — भास्कर
6. सबसे पुराना वाद्य यंत्र कौन-सा है — वीणा
7. किस वृहत मंदिर की आरंभिक कल्पना तथा निर्माण सूर्यवर्मन द्वितीय के राज्य काल में हुआ — अंकोरवाट का मंदिर
8. अमरावती बौद्ध स्तूप कहाँ है — आंध्र प्रदेश में
9. सलहर के युद्ध में मुगल सेना को किसने हराया — शिवाजी ने
10. सलहर का युद्ध कब हुआ था — 1672 ई.

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (GK Questionnaire)-11

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (GK Questionnaire)-11




1. अवरण कमल पुष्कर किस क्षेत्र से सम्बंधित है ।

उत्तर : सिनेमा।
2. ऑज़ोन परत किस गैस से बनी होती है ।

उत्तर : ओक्सीज़न ।
3. भारत का स्पाइस स्टेट किस राज्य को कहा जाता है ।

उत्तर : केरला ।
4. भारत का 80% कोयला कहां से आता है ।
 
उत्तर : झरिया और रानीगंज ।
5. कौन से देश में एक भी सिनेमा घर नही है ।
 
उत्तर : भूटान ।
6. रावण के पिता का क्या नाम था ।
 
उत्तर : वीश्र्वा ।

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (GK Questionnaire)-13

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (GK Questionnaire)-13




1.
भू तापीय ऊर्जा के स्रोत नही पाये गए हैं ~ गंगा डेल्टा में
2.
सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा होती है ~ केरल में
3. बारीन्द्र नाथ घोष सम्बंधित थे ~ अनुशीलन समिति
4. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट स्थित है ~ नई दिल्ली में
5. हरीकेन द्वारा क्षति का मापन किया जाता है ~ साफिर सिम्पसन स्केल
6. वैश्विक ऊष्मन के लिए उत्तरदायी नहीं है ~ ऑर्गन
7. पृथ्वी सम्मेलन +5 आयोजित हुआ था ~ 1997 में
8. भारत के राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना के मिशन में शामिल नहीं है ~ नाभिकीय शक्ति
9. किस देश में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 70% भाग पर वन बनाये रखने का संवैधानिक प्रावधान है ~ भूटान
10. भारत का प्रथम जैविक राज्य ~ सिक्किम
11. जल निकाय मे घनत्व प्रवणता को दर्शाती है ~ पिक्नोक्लाइन

Animals and Birds Knowledge-4

Animals and Birds Knowledge-4



No.QuestionAnswer
01The largest bird alive is theOstrich
02The smallest bird alive is theHumming bird
03An animal doctor is called aVeterinarian
04How many arms an octopus hasEight
05The arms of the octopus are calledTentacles
06The fastest moving land snake in the world is theBlack Mamba
07A group of lions is called aPride
08A group of invertebrate animals which have segments body and jointed limbs are calledArthropods
09A period of dormancy in winter by some animals known asHibernation
10Animals having backbone (vertebra) are known asVertebrates